कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाला मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट को अहम निर्देश दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि इन मामलों की सुनवाई पर रोक न लगाई जाए। साथ ही लंबित अपीलों का निपटारा चार हफ्ते के भीतर किया जाए। शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि उसका यह आदेश किसी मामले के गुण-दोष पर राय नहीं है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ ने यह आदेश दिया। सुनवाई के दौरान बताया गया कि कुछ कोयला घोटाला मामलों में आरोपियों ने राहत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया है। वहीं, कुछ मामलों में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
क्या ट्रायल पर रोक लगा सकता है दिल्ली हाईकोर्ट?
सुप्रीम कोर्ट ने साफ-साफ कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट इन मामलों में अंतरिम रोक नहीं लगा सकता। हालांकि, पीठ ने यह भी माना कि अगर ट्रायल पर रोक नहीं लगती है तो इससे आरोपियों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। इसी वजह से हाईकोर्ट को निर्देश दिया गया कि वह ऐसी याचिकाओं पर प्राथमिकता के आधार पर चार हफ्ते के भीतर फैसला करे।
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